शहज़ादे की विचित्र मांग – Akbar Birbal ki kahani

Akbar Birbal ki kahani – एक बार की बात है जब बादशाह अकबर बीरबल की बहुत तारीफ कर रहे थे जिसे देख दरबार के बाकि मंत्री बीरबल से जलने लगते है।

दरबार के मंत्रियो में से दो मंत्री आपस में बात करते है, एक मंत्री दुसरे मंत्री से कहता है “ये बीरबल बादशाह का कुछ ज्यादा ही चहेता होता जा रहा है हमें कुछ ऐसा करना होगा जिससे इस बीरबल की बादशाह के सामने बेइज़्ज़ती हो जाए ।”

अगले दिन बादशाह के बेटे सलीम उद्यान में बैठकर दूध पी रहे थे तभी दोनों मंत्री उसके पास आते है और कहते है ” शहज़ादे, दिन ब दिन आप बहुत ही कमज़ोर होते जा रहे है, ये गाय,भैस का दूध पीने से कुछ नहीं होगा, असली ताकत तो बैल के दूध में होती है ।”

सलीम पूछता है “क्या ?? बैल का दूध ?”

मंत्री कहता है “जी शहज़ादे सलीम, बैल का दूध पीने से बहुत तकाल मिलती है ।”

 सलीम पूछता है “तो फिर कहा मिलेगा हमें बैल का दूध ?”

मंत्री कहता है “माफ़ कीजिये शहज़ादे, मगर हम नहीं ला सकते बैल का दूध लेकिन बीरबल यह काम कर सकते है, आखिर वे इस राज्य के सबसे होशियार मंत्री जो ठेहरे ।”

सलीम तुरंत बीरबल के पास जाता है और कहता है “बीरबल जी, क्या आप मेरे लिए एक काम कर सकते है ?”

बीरबल कहता है “जी बताइये शहज़ादे सलीम ।”

सलीम कहता है “आप मुझे बैल का दूध ला कर दीजिये ।”

वही खड़े अकबर कहते है “सलीम, ये कैसी मांग है ?”

फिर बीरबल भी कहता है “शहज़ादे सलीम, लेकिन मै कैसे बैल का दूध ला सकता हूँ ?”

सलीम गुस्से में आकर कहता है “बीरबल जी, मै कुछ नहीं सुनना चाहता, मुझे आप कल तक कही से भी बैल का दूध ला कर दीजिये ।”

तभी बीरबल की नज़र दरबार के दो मंत्रियो पर जाती है जो अपना मुँह छुपकर हस रहे थे जिसे देखकर बीरबल समझ जाता है कि यह इन दोनों मंत्रियो का ही करा-धरा है ।

बीरबल सोच में पड़ जाता है कि वह बैल का दूध कैसे लाए तभी उसे एक उपाय सूझता है और वह तुरंत अपने एक दोस्त के घर जाता है जो एक ग्वाला था और ढेर सारी गाय और बैल पालता था ।

बीरबल दोस्त के घर पहुंचकर उसे सारी बात समझाता है और अपनी योजना बताता है ।

अगली सुबह बीरबल दरबार में शहज़ादे सलीम से कहता है “शहज़ादे, मैंने एक ग्वाले को खोज निकला है उसके पास बैल का दूध मिल जाएगा । आप मेरे साथ चलिए ।’

कुछ देर बाद बीरबल और सलीम उस ग्वाले के घर पहुंच जाते है और उनके पीछे-पीछे वह दोनों मंत्री भी वहा पहुंच जाते है ।

उस ग्वाले के आँगन में एक हट्टा-कट्टा बैल बंधा हुआ था वही बैल के पास में ही एक औरत घड़े में दूध लेकर बैठी हुई थी ।

बीरबल उस औरत से पूछता है “बहन जी, हमें इस बैल का ताज़ा दूध चाहिए, इस बैल का मालिक कहा है ?”

औरत जवाब देती है “जी, उनको तो बच्चा होने वाला है और अभी नौवा महीना चल रहा है इसीलिए अभी वे आराम कर रहे है ।”

औरत की बात सुनकर वहा खड़े सभी लोग आश्चर्य में पड़ जाते है और फिर सलीम पूछता है “ऐसा कैसे हो सकता है आदमी को बच्चा कैसे हो सकता है ?”

औरत कहती है “जी वो उन्होंने इस बैल का दूध पी लिया था इसलिए वो गर्भवत हो गए और उनका बच्चा होने वाला है, अच्छा वो सब छोडियो, आप बताइये आपको कितना दूध चाहिए ?”

औरत की बात सुनकर सलीम घबरा जाता है और कहता है “नहीं-नहीं, मुझे नहीं पीना है बैल का दूध, बीरबल, यहाँ से तुरंत वापस महल चलो ।”

फिर वहा खड़ा एक मंत्री बीरबल से पूछता है “बीरबल जी, यह बताइये, आदमी को बच्चा कैसे हो सकता है ?”

बीरबल हँसते हुए जवाब देता है “अरे भाई क्यों नहीं हो सकता, अगर बैल दूध दे सकता है तो फिर आदमी को भी बच्चा हो सकता है ।”

इस Akbar Birbal ki kahani – शहज़ादे की विचित्र मांग कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि अगर हम समझदारी से अपने दिमाग का उपयोग करे तो किसी भी समस्या का हल निकाल सकते है

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