भालू और नकलची बन्दर | Animal story in Hindi

Animal story in Hindi – एक बार की बात है जब जंगल में एक बड़ा सा भालू रहता था और उसके साथ एक बन्दर रहता था । भालू और बन्दर बहुत अच्छे दोस्त थे । भालू हमेशा बन्दर से परेशान रहता क्योकि बन्दर हर बात पे भालू की नक़ल करता ।

एक दिन भालू बन्दर से पूछता है “अरे बन्दर भाई, तुम हमेशा मेरी नक़ल क्यों उतारते हो, मै जैसा चलता हूँ, जैसा खाता हूँ, उठता हूँ बैठता हूँ, तुम सारी चीज़े मेरे जैसे ही करने की कोशिश करते हो, ऐसा क्यों भाई ?”

बन्दर भालू को जवाब देता है “भालू भाई, तुम कितने बड़े हो, ताकतवर हो और जंगल में सभी तुमसे डरते है इसलिए मै भी तुम्हारे जैसा बनना चाहता हूँ ।”

भालू कहता है “अरे बन्दर भाई, तुम भी तो इतने तेज हो, यहाँ से वहां छलांग लगा लेते हो, मेरा भी मन करता है ऐसा करने का लेकिन मै नहीं कर सकता, इसलिए जो जैसा है उसे वैसा ही रहना चाहिए ।”

बन्दर भालू की बात अनसुना कर देता है और वे दोनों खाने की खोज में आगे बढ़ते है तभी उन्हें एक पेड़ के नीचे शहद से भरा हुआ एक मटका दीखता है ।

भालू मटके को उठाता है और शहद खाने लग जाता है तभी बन्दर भी भालू से शहद मांगता है तो भालू उसे थोड़ा सा ही शहद खाने के लिए देता है ।

फिर बन्दर भालू से और शहद मांगता है लेकिन भालू उसे मना कर देता है और शहद का मटका लेकर अपनी गुफा में आ जाता है और उसे वहां छुपा देता है ।

कुछ देर बाद भालू अपनी गुफा से बाहर निकलकर पानी पीने के लिए जाता है तभी बन्दर भालू की गुफा में घुसकर शहद का मटका चुरा लेता है और अपने घर आकर मटके में रखा पूरा शहद खा लेता है ।

कुछ देर बाद भालू वापस आता है और उसे गुफा में शहद का मटका नहीं मिलता, तो वह बन्दर के पास जाता है उस मटके के बारे में पता करने ।

जैसे ही भालू बन्दर के पास पहुँचता है तो देखता है कि बन्दर ज़मीन पर लेता हुआ, दर्द से कराह रहा है ।

बन्दर को ऐसी हालत में देख भालू उससे पूछता है “अरे बन्दर भाई, क्या हुआ, तुम ठीक तो हो ?”

बन्दर भालू से कहता है “भालू भाई, मुझे लगा कि आपकी ताकत का राज़ शहद है इसिलए मैंने आपकी गुफा से शहद का मटका लेकर पूरा शहद खा लिया लेकिन अब मेरे पेट में बहुत ज्यादा दर्द है जिससे मुझे बहुत तकलीफ हो रही है ।”

बन्दर की बात सुन भालू उससे कहता है “अरे बन्दर भाई, इसिलए मैंने आपको थोड़ा सा ही शहद खाने के लिए दिया था क्योकि ज्यादा मात्रा में शहद सिर्फ भालू ही पचा सकते है बन्दर नहीं ।”

इस Animal story in Hindi – भालू और लालची बन्दर की कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि हमें कभी भी किसी की नक़ल नहीं करनी चाहिए । भगवान ने सभी को अलग बनाया है और सभी अपने में मजबूत और ताकतवर है।

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