एक हाथी की कहानी | Any story with moral in Hindi

इस Any story with moral in Hindi में आप पढ़ेंगे एक हाथी की कहानी जिसमे कैसे जंगल के जानवर पहले उससे दोस्ती करने से मना करते है और बाद में सभी दोस्ती करने को तैयार हो जाते है, तो चलिए कहानी शुरू करते है :-

Any story with moral in Hindi – एक बार की बात है जब जंगल में एक हाथी नया नया आता है । हाथी एकदम अकेला रहता है जिसके कारण वह बहुत दुखी रहता है । वह जंगल में दोस्त बनाने के लिए दुसरे जानवरो के पास जाता है ।

सबसे पहले उसे बन्दर मिलता है और हाथी बन्दर से कहता है “बन्दर भाई, क्या तुम मुझसे दोस्ती करोगे ? “

बन्दर  हाथी को जवाब देते हुए कहता है “हाथी भाई , तुम तो बहुत ही बड़े हो , तुम मेरी तरह एक पेड़ से दुसरे पेड़ पर छलांग भी नहीं लगा सकते, इसलिए मै तुमसे  दोस्ती नहीं कर सकता हूँ  “

ऐसा कहकर बन्दर वहां से चला जाता है ।

हाथी बन्दर की बात सुनकर बहुत दुखी हो जाता है ।

फिर हाथी जंगल में और आगे बढ़ता है तो उसे एक मेंढक मिलता है , हाथी मेंढक से कहता है ,

“मेंढक भाई , क्या तुम मुझसे दोस्ती करोगे ? “

मेंढक थोड़ा सा घमंडी रहता है और वह एक जगह से दूसरी जगह झलांग लगाता है और हाथी से पूछता है “क्या तुम मेरे जैसी छलांग लगा सकते हो ? “

हाथी आश्चर्य चकित होकर मेंढक से कहता है “मेंढक भाई, ये कैसा सवाल कर रहे हो , भला मै कैसे ऐसी छलांग लगा सकता हूँ , मेरा शरीर इतना बड़ा है और मै इतना भारी हूँ  “

मेंढक कहता है “तो फिर मै तुमसे दोस्ती कैसे कर सकता हूँ , मै तो सिर्फ उसी से दोस्ती करता हूँ जो मेरी तरह छलांग लगा सकता है “

ऐसा कहकर मेंढक भी वहां से छलांग लगते हुए चला जाता है ।

मेंढक के व्यवहार से हाथी और दुखी हो जाता है फिर जंगल में और आगे बढ़ता है ।

आगे उसे एक खरगोश मिलता है और हाथी खरगोश से भी वही सवाल करता है लेकिन हाथी इसबार थोड़ा दुखी होकर कहता है  “खरगोश भाई , मै इस जंगल में नया-नया आया हूँ और मै बहुत अकेला हूँ , मेरा कोई दोस्त नहीं है,  क्या तुम मुझसे दोस्ती करोगे ?”

लेकिन खरगोश भी सभी जानवरो की तरह हाथी को वही जवाब देता है “हाथी भाई, तुम इतने बड़े हो और मै इतना छोटा सा , मेरी तुमसे दोस्ती कैसे हो सकती है, ना तुम मेरी तरह तेज भाग सकते हो और ना ही मेरे साथ मेरे घर में आ सकते हो “

हाथी खरगोश की बात सुनकर और दुखी हो जाता है और एक पेड़ के नीचे जा कर बैठ जाता है ।

दुसरे दिन सारे जानवर तेजी से भाग रहे होते है, हाथी उनको देखता है और सोचता है कि ये सारे जानवर क्यों इतनी तेजी से भाग रहे है, ऐसी क्या बात हो गई ।

तभी हाथी को वह बन्दर मिलता है और हाथी उसे रोक कर पूछता है “क्या हुआ बन्दर भाई , तुम सभी इतनी तेजी से कहा भाग रहे हो ?”

बन्दर हाँफते हुए हाथी से कहता है “हाथी भाई , एक शेर आया हुआ है जो हम सारे जानवरो पर हमला कर रहा है और एक एक कर के सभी को मार रहा है, उसी से बचकर हम सभी जानवर भाग रहे है ।”

हाथी कहता है “तो ऐसी बात है, रुको मै कुछ करता हूँ ।”

ऐसा कहकर हाथी शेर के पास जाता है और उससे कहता है “शेर भाई, मै आपसे आग्रह करता हूँ, कृपया आप जंगल के सारे जानवरो को ना मारे, उन्हें छोड़ दे ।”

हाथी की बात सुनकर शेर को बहुत गुस्सा आता है और वह हाथी से कहता है “हाथी, अगर तुम्हे अपनी जान प्यारी है तो तुम यहाँ से भाग जाओ और मुझे इन जानवरो का शिकार करने दो नहीं तो मै तुन्हे भी नहीं छोडूंगा । “

शेर की बात सुनकर हाथी को भी बड़ा गुस्सा आता है लेकिन वह फिर से शेर से आग्रह करता है लेकिन शेर इस बार हाथी पर ही हमला कर देता है ।

क्योकि हाथी का शरीर बहुत बड़ा रहता है तो शेर हाथी के पैर तक ही पहुंच पाता है और हाथी के एक पैर पर अपने दांत गड़ाने की कोशिश करता है, लेकिन जैसे ही शेर हाथी के पैर पकड़ने की कोशिश करता है हाथी अपने पैर से शेर ज़ोर से लात मारता है जिससे शेर दूर जा कर गिरता है ।

शेर को इतनी ज़ोर से हाथी की पैर लगता है कि उसका दिमाग चकरा जाता है और वो वहां से भाग जाता है ।

यह देखकर सारे जानवर एकदम खुश हो जाते है और हाथी का धन्यवाद् करते है क्योकि हाथी ने उन सभी जानवरो की जान बचाई ।

फिर सभी जानवर एक साथ मिलकर ये निर्णय लेते है कि सभी जानवर हाथी से दोस्ती करेंगे ।

इस Any story with moral in Hindi एक हाथी की कहानी से हमें ये शिक्षा मिलती है कि कभी भी किसी का शरीर देखकर उससे दोस्ती नहीं करनी चाहिए , चाहे वह आपसे मोटा हो या फिर पतला , चाहे वह लम्बा हो या फिर आपसे से छोटा, दोस्ती हमेश उसके गुण देखकर करनी चाहिए ।

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