बुद्धिमान पंडित जी | Class 2 short moral stories in Hindi

Class 2 short moral stories in Hindi – एक बार की बात है जब एक अमीर आदमी एक पंडित जी के पास जाता है और कहता है ” पंडित जी, मेरा एक  बेटा है जो मेरी बिलकुल भी बात नहीं मानता है और उसमे बहुत सारी ख़राब आदते है आ गई है, क्या आप उसकी ख़राब आदते छुड़ा सकते है ? “

पंडित जी कहते है ” बिल्कुल, तुम मुझे अपने बेटे से मिलाओ और मै पूरी कोशिश करूँगा उसकी सारी ख़राब आदते छुड़ाने की । “

अगले दिन वह लड़का पंडित जी से मिलता है और पंडित जी उसे पास के ही एक उद्यान में ले कर जाते है ।

उद्यान में पहुंचते ही पंडित जी एक पौधे की तरफ इशारा कर के उस लड़के से पूछते है ” क्या तुन्हे वह छोटा सा पौधा दिख रहा है ?

लड़का कहता है “जी पंडित जी, दिख रहा है  ।”

फिर पंडित जी कहते है “ठीक है तो जाओ और उस पौधे को उखाड़ कर मेरे पास ले आओ “

लड़का तुरंत जाता है और उस पौधे को अपनी दो उंगलियों से ही उखाड़ कर पंडित जी के पास ले कर आ जाता है ।

पंडित जी उससे कुछ नहीं कहते है।

थोड़ी देर चलने के बाद पंडित जी उस लड़के से फिर पूछते है “क्या तुम्हे वो छोटा सा पेड़ दिख रहा है ?”

लड़का जवाब देता है “जी पंडित जी, दिख रहा है ।”

पंडित जी कहते है “जाओ, उस छोटे पेड़ को भी उखाड़ कर ले आओ “

लड़का जाता है और उस पेड़ को उखाड़ने की की कोशिश करता है ।

लड़के को शुरू में तो बहुत मुश्किल होतो है, वह दोनों हाथो से पेड़ को ज़ोर से ऊपर खींचता है और थोड़ी देर के बाद वह उस पेड़ को उखाड़ ही लेता है ।

पंडित जी लड़के को खड़े होकर देखते रहते है और जब लड़का उनके पास आता है तो उसे शाबाशी देते है ।

फिर थोड़ी और आगे चलने के बाद पंडित जी उस लड़के से पूछते है “क्या तुम्हे वो बड़ा सा पेड़ दिख रहा है ?”

लड़का जवाब देता है “जी पंडित जी , दिख रहा है ।”

पंडित जी कहते है “जाओ, उसे भी जड़ से उखाड़ दो । “

पंडित जी की बात सुनकर लड़का थोड़ा असमंजस में पड़ जाता है और सोचता है कि पंडित जी मुझे इतने बड़े पेड़ को उखाड़ने के लिए कह रहे है ये तो नामुमकिन काम है ।

लड़का फिर भी पंडित जी को बिना कोई सवाल किये पेड़ की तरफ चला जाता है और अपने दोनों हाथो से पूरी कोशिश करता है पर पेड़ तो हिलता भी नहीं है ।

लड़का पंडित जी के पास आता है और कहता है “पंडित जी, वह पेड़ इतना बड़ा है और मै सिर्फ एक लड़का हूँ, मै कैसे इसे उखाड़ सकता हूँ ।

पंडित जी उस बच्चे को जवाब देते हुए कहते है “मै जानता था कि तुम वो पेड़ नहीं उखाड़ सकते हो लेकिन शायद तुम मेरी बात पहले नहीं समझते और अब मुझे पूरी उम्मीद है कि तुम मेरी पूरी बात अच्छे से सुनोगे और समझोगे भी ।”

फिर पंडित जी लड़के को समझाते हुए कहते है कि जैसा तुमने देखा कि तुम कितनी आसानी से एक छोटे पौधे को उखाड़ लेते हो और वही पर जब एक बड़ा पेड़ आया तो तुमने सारी ताकत लगा दी और वह पेड़ हिला भी नहीं ।

इसी प्रकार तुममे जितनी भी ख़राब आदते है उनको अपने अंदर से उखाड़ के बहार निकालने के लिए अभी एकदम सही समय है लेकिन अगर उन सारी ख़राब आदतों के साथ अगर तुम बड़े हो गए तो फिर उन आदतों को ठीक करना बहुत ही मुश्किल हो जाएगा ।

इस Class 2 short moral stories in Hindi बुद्धिमान पंडित जी की कहानी से हमें ये सीख मिलती है कि हमें अपनी सारी ख़राब आदतों को शुरुआतमें ही पहचान कर ख़तम कर देनी चाहिए क्योकि अगर वो लम्बे समय तक हमारे अंदर रहेगी तो फिर उन्हें ठीक करने में हमें बहुत ही मेहनत लगेगी और बहुत मुश्किल भी होगी ।

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