चार बहानेबाज़ दोस्त | Friendship story in Hindi

Friendship story in Hindi – एक बार की बात है जब एक विद्यालय में चार दोस्त पड़ते थे, चारो एक दुसरे के बहुत अच्छे दोस्त थे और चारो ही पढाई में कमज़ोर थे क्योकि चारो की पढाई में कोई रूचि नहीं थी । उन्हें बस खेल कूद करना, घूमना और फिल्मे देखना पसंद था  ।

एक दिन विद्यालय में शिक्षक घोषणा करते है कि अगले दिन उनकी गणित विषय की परीक्षा होगी और सारे विद्यार्थी तैयारी करके आए ।

आदतन चारो परीक्षा की कोई भी तैयारी नहीं करते और रात भर एक दोस्त के घर में रुक कर फिल्म देखते है ।

सुबह उठने के बाद एक दोस्त कहता है “दोस्तों, हमने परीक्षा की कोई तैयारी नहीं की है तो हमें शिक्षक जी के सामने कोई बहाना मारना पड़ेगा ताकि हमें आज हमें परीक्षा देनी ना पड़े ।”

चारो मिलकर एक बहाना सोचते है और विद्यालय पहुचकर शिक्षक से कहते है “शिक्षक जी, हम आज परीक्षा नहीं दे पाएंगे ।”

शिक्षक उनसे पूछते है “क्यों भाई, क्या बात हो गई, क्यों तुम चारो आज परीक्षा नहीं देना चाहते हो ?”

चारो में से एक कहता है “शिक्षक जी, कल रात हमारे एक दोस्त की तबियत बहुत ख़राब हो गई थी तो उसे लेकर हमें अस्पताल जाना पड़ा और फिर वहां से आते समय हमारी गाड़ी का टायर पंक्चर हो गया था जिसके कारण हमें गाड़ी को धक्का मारते हुए घर पैदल आना पड़ा जिसके कारण हम परीक्षा की तैयारी नहीं कर पाए ।”

शिक्षक उनकी बात मान जाते है और उन्हें अगले दिन परीक्षा की तैयारी कर के आने को कहते है ।

शिक्षक उन चारो दोस्तों को अच्छी तरह से जानते थे कि किस तरह से हमेशा वे पढाई से भागते है और हमेशा बहानेबाज़ी करते है ।

अगले दिन चारो विद्यालय आते है । शिक्षक उन चारो दोस्तों को अलग-अलग कमरे में बैठाते है और चारो को प्रश्न पत्र देते है ।

चारो समझ ही नहीं पाते कि उन्हें अलग-अलग कमरे में क्यों बैठाया गया है और तभी उन्हें प्रश्न पत्र मिलता है जिसे देखकर चारो आश्चर्य में पड़ जाते है ।

उन चारो को हल करने के लिए प्रश्न पत्र में सिर्फ एक ही प्रश्न पूछा गया था और वह प्रश्न था ” परसो राज अस्पताल से घर वापस आते समय आपकी गाड़ी का कौन सा टायर हुआ था ।”

चारो दोस्त दंग रह जाते है क्योकि उन्होंने सोचा भी नहीं था कि उनसे ऐसा कुछ पूछा जाएगा और अनुमानन चारो अलग-अलग जवाब लिखते  है ।

पहला  दोस्त जवाब में लिखता है गाड़ी का सामने से दाए वाला टायर पंक्चर हुआ था, दूसरा लिखना है सामने से बाएं वाला टायर और इस प्रकार चारो अलग-अलग जवाब देते है ।

शिक्षक उनका प्रश्न पत्र देखकर समझ जाते है कि वे चारो फिर से बहाना मार रहे थे परीक्षा देने से बचने के लिए ।फिर शिक्षक उन चारो को कड़ी सजा देते है और वे परीक्षा में भी अनुत्तीर्ण हो जाते है ।

इस Friendship story in Hindi – चार बहानेबाज़ दोस्त की कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है हमें कभी भी किसी कठिन परिस्थिति से बचने के लिए झूठ का सहारा नहीं लेना चाहिए बल्कि उस परिस्थिति का ईमानदारी से सामना करना चाहिए ।

Also read – Moral Hindi short story – अच्छे कर्म का फल

Also read – Hindi short story for kids – बदक और आज्ञाकारी बच्चे

Also read – Moral stories in Hindi for kids – चींटी और घमंडी हाथी

Also read – Small story for kids in Hindi – तीन मछलियों की कहानी

Also read – Short story in Hindi with moral values – ईमानदार गाय

अगर आपको कहानी पसंद आई हो तो कृपया इसे अपने साथियो के साथ शेयर करे। धन्यवाद्।

Comments are closed.

error: Content is protected !!