बगुले और सांप की कहानी – Hindi cartoon kahaniyan

Hindi cartoon kahaniyan – एक बार की बात है जब जंगल में एक बरगद के वृक्ष पर बगुलों का परिवार रहता था। उस वृक्ष के नीचे एक बिल था, जिसमे एक साँप रहता था।

साँप हमेशा वृक्ष पे चढ़ कर उन बगुलों के बच्चो को खा जाता था, जिसके कारण बगुले बहुत दुखी और उदास रहते थे ।

एक बार सारे बगुलों ने इकट्ठे होकर यह सोचना आरम्भ किया कि इस हत्यारे साँप से अपने बच्चो की रक्षा किस प्रकार की जाये ।

उनमे से एक बूढ़े बगुले ने बहुत सोच-विचार करने के बाद एक उपाय सोचा और कहा “हम लोग तालाब से मछलियां पकड़ते है, उन मछलियों को साँप के घर से लेकर नेवले के बिल तक बिछा देते है, नेवला अपने बिल से निकलकर मछलियां खाता हुआ साँप के बिल तक पहचेगा और साँप को मार डालेगा।”

बूढ़े बगुले की बात सबको समझ में आ गयी, और उन्होंने रातो-रात यह काम कर डाला।

प्रातः उठते ही नेवले का पूरा परिवार मछलियां खाता हुआ साँप के बिल तक पहुच गया। वे साँप को खा रहे थे तभी उन्होंने बगुलों के बच्चो की आवाज़ सुनी, जिसे सुनकर नेवले, बगुलों के बच्चो पर टूट पड़े और देखते ही देखते उन्हें खा गए।

जब शाम को बगुले आये तो उन्होंने देखा कि उनके बचे नहीं है और साँप वह मरा पड़ा है । वह पर बगुलों के बच्चो के पंख बिखरे पड़े थे जिसे देखकर उनको समझते देर नही लगी कि नेवले ने पहले साँप को मारा, फिर उनके बच्चो को खा लिया ।

सभी बगुले रोने लगे और अपने निर्णय पर पछताने लगे, लेकिन अब पछताने से क्या होता ।

इस Hindi cartoon kahaniyan – बगुले और सांप की कहानी कहानी से हमे यह शिक्षा मिलती है कि कुछ भी करने से पहले उसका सारा परिणाम सोच कर ही कोई कदम उठाना चाहिए।

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