मस्ती करने का नुकसान | Hindi kahani for kids

Hindi kahani for kids – एक बार की बात है जब एक शहर में राहुल और पिंकी नाम के दो भाई बहन रहते थे, दोनों बहुत ही मस्ती करते थे, जैसे कभी दुघवाले की साईकिल को धक्का मारके के गिरा दिया या कभी कोई काम पर जा रहा हो उस पर पानी दाल दिया, मस्ती करते समय वो यह नहीं देखते थे की उनकी मस्ती से किसी का नुकसान हो रहा है ।

एक दिन दोनों के उनके पिता उनसे कहते  है “राहुल और पिंकी, हम दोनों तुम्हारे मामा के घर जा रहे है, हम दो घंटे में वापस आ जाएंगे, तब काम तुम दोनों अपना ध्यान रखना और विद्यालय का गृहकार्य पूरा करना, तुम्हारी परीक्षा को अब सिर्फ एक हफ्ते ही बचे हुए है और मस्ती में नुकसान नहीं करना।”

राहुल जवाब देता है “पिताजी, आप बिलकुल चिंता मत कीजिये, हम अपना ध्यान देंगे और बिलकुल मस्ती नहीं करेंगे और साथ ही अपना पूरा गृहकार्य करेंगे ।”

दोनों के माता-पिता उनके मामा के घर के लिए निकल जाते है और राहुल और पिंकी अपना गृह कार्य करने बैठ जाते है ।

कुछ समय बाद अपना गृहकार्य पूरा करके दोनों एक गेंद से खेलना शुरू कर देते है तभी खेलते-खेलते गेंद खिड़की से बहार चली जाती है और गुम जाती है ।

पिंकी कहती है “राहुल भैया, अब हम क्या करे, गेंद तो गुम गई ?”

राहुल कुछ देर सोचता है और फिर वही राखी अपने विद्यालय की नोटबुक जिसमे उसने गृहकार्य किया था, उसका एक कोरा पन्ना फाड़ता है और उसकी गेंद बना कर उसे पिंकी की तरफ फेंककर मरता है ।

पिंकी को वह कागज़ की गेंद लगती है जिसे देखकर राहुल हंसाने लगता है और कहता है “अब अब इसी गेंद से खेलेंगे ।”

कागज़ की गेंद लगने पर पहले तो पिंकी जो गुस्सा आता है लेकिन राहुल को देखकर उसे भी हंसी आ जाती है और वो भी अपनी नोटबुक से कोरा पन्ना निकलकर उसकी गेंद बनती है और राहुल की तरफ फ़ेंक कर मरती है ।

इस तरह दोनों में एकदूसरे के ऊपर कागज़ की गेंद फेककर मारने की प्रतियोगिता शुरू हो जाती है और दोनों एक-एक करके अपनी-अपनी नोटबुक से पन्ना फाड़ते जाते है और गेंद बनाकर एक दुसरे को मरते जाते है ।

दोनों मस्ती करते हुए इतने मगन हो जाते है कि अपने नोटबुक के सारे पैन फाड़ देते है जिससे उनका किया हुआ  गृह कार्य और पहले किया हुआ सारा काम भी फट जाता है ।

लेकिन दोनों मस्ती में ध्यान नहीं देते है और जब नोटबुक के सारे पैन khatam हो जाते है तो माँ कि दन्त सुनाने के दर से ज़मीन पे पड़े सारे कागज़ की गेंदों को उठाकर कूड़ा दानी में फ़ेंक देते है i

कुछ देर बात दोनों के माता-पिता घर पर वापस आते है और उसी दिन शाम को दोनों की माँ उनसे कहती है “एक हफ्ते बाद तुम्हारी परीक्षाए शुरू हो जाएंगे तो आज से रोज़ शाम को दो घंटे तुम्हे मै पढ़ाऊंगी, चलो, दोनों अपनी अपनी नोटबुक निकाओ और क्या गृहकार्य किया है दिखाओ ।”

राहुल और पिंकी दोनों एक दूसरे को देखते है और अपनी-अपनी नोटबूक निकलते है फिर डरते हुए अपनी माँ को दे देते है ।

उनकी माँ जैसे ही राहुल की नोटबूक खोलती है तो देखती है कि उसमे एक भी पन्ना नहीं है फिर गुस्साते हुए राहुल से पूछती है “राहुल, ये क्या है, तुम्हारी नोटबूक को क्या हुआ ?”

राहुल चुप-चाप सर झुका कर बैठा रहता है और कोई जवाब नहीं देता है ।

फिर उनकी माँ पिंकी की नोटबूक खोलती है और देखती है कि उसकी नोटबूक में भी पन्ने नहीं है जिसे देखकर उनकी माँ का गुस्सा और बढ़ जाता है और वह दोनों से गुस्से में चिल्लाते हुए पूछती है “मै आखरी बार पूछ रही हूँ, ये कैसे हुआ, नोटबूक के सारे पन्ने कहा गए, जल्दी बताओ ।”

इस बार राहुल डरते हुए जवाब देता है “माँ, हमारी गेंद खिड़की से बहार चली गई थी तो हम नोटबूक के पन्ने से गेंद बनाकर खेल रहे थे लेकिन मस्ती करते हुए हमें बिलकुल भी ध्यान नहीं रहा और हमने नोटबूक के सारे पन्ने फाड़ दिए । “

राहुल की बात सुनकर उनकी माँ पहले तो गुस्साती है फिर दोनों को धीमी आवाज़ में प्यार से समझती है “राहुल और पिंकी, मै और तुम्हारे पिताजी, हम दोनों तुम्हे हमेशा समझते थे कि ज्यादा मस्ती नहीं करना और मस्ती में कभी किसी का नुकसान नहीं करना लेकिन तुम दोनों हमारी बात नहीं मानते थे लेकिन आज देखो, तुम्हारी मस्ती के कारन तुम्हारा कितना बड़ा नुकसान हो गया, सिर्फ एक हफ्ते में तुम्हारी परीक्षाए शुरू होने वाली है और तुम दोनों ने अपनी नोटबूक फाड़ डाली ।”

माँ की बात सुनकर राहुल को समझ में आता है कि उन्होंने कितनी बड़ी गलती कर दी है, तो वह रोने लगता है और माँ से कहता है “माँ, अब हम परीक्षा की तैयारी कैसे करेंगे, हम कैसे पढाई करेंगे ?”

उनकी माँ राहुल को समझती है और कहती है “तुम चिंता मत करो, मै तुम्हे तुम्हारी किताब से पढ़ा कर परीक्षा की तयारी करा दूँगी ।”

माँ की बात सुनकर दोनों खुश हो जाते है और अपनी माँ से कहते है “माँ, अब से हम हमेशा ध्यान देंगे कि हमारी मस्ती से कभी किसी का नुकसान ना हो ।”

इस Hindi kahani for kids – मस्ती करने का नुकसान कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि हमें कभी भी ऐसी मस्ती नहीं करनी चाहिए जिससे कभी किसी का नुकसान हो, क्योकि ऐसी मस्ती से हमारा नुकसान होना भी संभव है ।

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