बूढ़े का सबसे होशियार बेटा – Hindi kahaniyan

Hindi kahaniyan – एक बार की बात है जब एक गांव में एक बूढ़ा रहता था, उसके तीन बेटे थे। एक बार वह बूढ़ा बहुत बीमार हो गया तो उसने अपने तीनों बेटों को बुलाया ताकि वह अपनी सम्पत्ति का बंटवारा कर सके, पर अपनी सम्पत्ति का बंटवारा करने से पहले वह यह जान लेना चाहता था कि उसका कौन सा बेटा सबसे ज़्यादा होशियार है।

बूढ़े आदमी ने अपने तीनों बेटों को बुला कर उनसे कहा “तुममें से जो भी सबसे ज़्यादा होशियार होगा मैं उसको अपनी सारी संपत्ति दे दूंगा।

तुम लोग ऐसा करो कि मेरी इस मेज पर कुछ पैसे रखे है, तुम तीनों उनमें से पांच-पांच सौ रूपये ले लो और मेरे लिये कोई ऐसी चीज़ खरीद कर लाओ जिससे मेरा यह कमरा भर जाये।

उसके तीनों बेटों ने मेज पर से पांच-पांच सौ रूपये उठाये और कोई ऐसी चीज़ खरीदने चल दिये जिससे वे अपने पिता का कमरा भर सकें।

बूढ़े का सबसे बड़ा बेटा जब बाहर निकला तो उसने सोचा “यह क्या मुश्किल काम है, बाजार में मुझे ऐसी कई चीजें मिल जायेंगी जो मेरे पिता का कमरा भर देंगी।” सो वह बाजार गया और उसने पांच सौ रूपये का भूसा खरीद लिया।

जब दूसरा बेटा बाहर निकला तो उसने सोचा  “ऐसी क्या चीज़ हो सकती है जिससे पांच सौ रूपये में ही पिता का कमरा भर जाए ।” उसने कई दूकानें देखीं और आखीर में पांच सौ रूपये के पंख खरीद लिये।

पर सबसे छोटा बेटा तो सोचता ही रह गया कि पांच सौ रूपये में ऐसी कौन सी चीज आ सकती है जो उसके पिता का कमरा भर देगी। वह घन्टों तक सोचता रहा और फिर एक छोटी सी दूकान में जा कर एक मोमबत्ती और एक दियासलाई खरीद लाया।

अगले दिन तीनों बेटे पिता के पास लौटे। वे अपने साथ अपनी खरीदी हुई चीजें भी लाये थे जिनसे उनको अपने पिता का कमरा भरना था।

सबसे बड़ा बेटा भूसा लाया था उसकी बड़ी सी पोटली उसकी कमर पर रखी थी। दूसरा बेटा पंख लाया था उसकी पोटली भी उसकी कमर पर रखी थी, पर सबसे छोटा बेटा तो मोमबत्ती लाया था और वह उसकी जेब में रखी थी।

दोनों बड़े बेटे अपने छोटे भाई के हाथ में कुछ भी न देख कर बड़े खुश थे। उनको लग रहा था कि इस बेचारे को तो लगता है कोई चीज़ ही नहीं मिली जिससे यह पिता जी का कमरा भर सके इसलिये अब संम्पत्ति तो बस हम को ही मिलेगा।

सबसे पहले सबसे बड़ा बेटा कमरे के अन्दर घुसा और उसने अपने पिता को अपना भूसा दिखाया पर अफसोस, वह भूसा तो उस कमरे के एक कोने में ही सिमट कर रह गया।

अब दूसरे बेटे की बारी थी, दूसरा बेटा भी कमरे में घुसा और उसने अपने पिता को अपने लाये पंख दिखाये पर अफसोस, वे पंख भी उस कमरे के केवल दो कोने ही भर सके। बूढ़े आदमी ने दुखी हो कर पूछा “क्या दुनियाँ में कोई ऐसी चीज़ नहीं है जिससे मेरा कमरा भर जाये?”

यह सुन कर सबसे छोटे बेटे ने अपनी जेब से मोमबत्ती निकाली और दियासलाई से उसे जला दिया। सारा कमरा रोशनी से भर गया। बूढा आदमी यह देखकर बहुत खुश हुआ और अपनी पूरी संपत्ति अपने छोटे बेटे के नाम कर दी।

Also read – अनैतिकता की मिठाई – Hindi kahani cartoon

Also read – चतुर बीरबल | Akbar Birbal Hindi short story

Also read – व्यापारी और उसका गधा – Story Hindi Cartoon

Also read – घमंडी चूहा | Panchatantra short stories in Hindi

Also read – पिता, पुत्र और गधे की सवारी – Panchatantra stories Hindi

Also read – शिकारी, राजा और तोता – Panchatantra stories in Hindi pdf

Also read – दाने दाने पर लिखा है खाने वाले का नाम – Hindi cartoon kahani

Also read – तेनाली रमन और राजा के घोड़े – Stories of Tenali Raman in Hindi

अगर आपको Hindi kahaniyan – बूढ़े का सबसे होशियार बेटा कहानी पसंद आई हो तो कृपया इसे अपने साथियो के साथ शेयर करे। धन्यवाद् ।