अपना-अपना काम | Hindi short story for kid

Hindi short story for kid – एक बार की बात है जब जंगल में तीन दोस्त रहते थे, तोता, मुर्गी और चूहा । तीनो बहुत ही अच्छे दोस्त थे और एक छोटे से घर में साथ में रहते थे । घर में तीनो का काम बटा हुआ था जैसे तोता बहार जाकर फल और पानी लाता था, चूहा घर के बगीचे का ध्यान रखता था और मुर्गी खाना बनाती थी।

पास में ही एक पेड़ पर एक कौवा रहता था, वह एकदम अकेला था जिस कारण उसे अपना सारा काम खुद से ही करना पड़ता था और इसी कारण वह तोता, चूहा और मुर्गी की दोस्ती से बहुत चिढ़ता था ।

एक दिन की बात है जब तोता पानी लेने निकलता है और कौवा उसे आवाज़ लगाकर बोलता है “और तोता भाई, कहा जा रहे हो ?”

तोता जवाब देता है “बस कौवा भाई, घर के लिए पानी लेने जा रहा हूँ ।”

फिर कौवा कहता है “थोड़ा मेरे घर आओ, मैंने बढ़िया चाय बनाई है, चाय पी के चले जाना ।”

तोता पहले तो मना करता है लेकिन फिर मान जाता है और कौवे के घर चाय पीने चला जाता है ।

चाय पीते-पीते कौवा चालाकी से तोते से कहता है “तोता भाई, मुझे आप तीनो दोस्तों को देखकर बड़ा अच्छा लगता है, आप तीनो की दोस्ती कितनी अच्छी है ।”

तोता जवाब देता है “हा कौवा भाई, हम तीनो बहुत ही अच्छे दोस्त है और हम तीनो लम्बे समय से साथ में रह रहे है ।”

फिर कौवा कहता है “तोता भाई, बुरा मत मानना, लेकिन तीनो में सबसे ज्यादा काम आप ही करते हो और मुर्गी सबसे कम काम करती है, वो सिर्फ घर में रहती है और आराम करती है ।”

तोता वैसे तो कौवा से कहता है कि ऐसा नहीं है और तीनो बराबर की मेहनत करते है लेकिन कौवे की बात तोते के मन में बैठ जाती है ।

तोता जैसे ही पानी लेकर घर पहुँचता है वह मुर्गी से कहता है “मुर्गी, कल से मै घर में रहकर खाना बनाऊंगा और तुम पानी लेने जाना ।”

मुर्गी तोते से पूछती है “ऐसा क्यों तोता, पानी लाना तो तुम्हारा काम है और खाना बनाना मेरा ।”

तोता जवाब देते हुए कहता है “मुर्गी, मै बहुत थक जाता हूँ तो मुझे घर पर रहकर थोड़ा आराम करना है और तुम तो रोज़ ही घर पर रहकर आराम करती हो और सिर्फ खाना बनती हो”

तोते की बात सुनकर मुर्गी को गुस्सा आता है लेकिन वह तोते को कुछ नहीं कहती और उसकी बात मान जाती है ।

अगले दिन मुर्गी पानी लेने चली जाती है और तोता घर पर रहकर खाना बनाना शुरू करता है ।

तोते को खाना बनाना नहीं आता था लेकिन वह सोचता है कि खाना बनाना कितना ही कठिन होगा और काम चालू करता है ।

खाना बनाते हुए कुछ समय बाद ही तोते का हाथ आग से जल जाता है और तोता ज़ोर-ज़ोर से दर्द के कारण चिल्लाता है ।

थोड़ी देर बाद जब मुर्गी घर पर वापस आती है तो देखती है कि तोता दर्द से कराहते हुए रोता हुआ कमरे के एक कोने में बैठा हुआ था ।

उसे देखकर मुर्गी पूछती है “अरे तोता, क्या हुआ, तुम रो क्यों रहे हो ?”

तोता मुर्गी को सारी बात बताता है और फिर उससे क्षमा मांगते हुए कहता है “मुर्गी, मुझे क्षमा कर दो, मुझे तुम्हारे काम को छोटा नहीं बोलना चाहिए था और मुझे जो काम आता है मुझे वही करना चाहिए ।”

इस Hindi short story for kid – अपना-अपना काम कहानी से हमें यह सिखने को मिलता है कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता और सभी काम महत्वपूर्ण होते है इसीलिए कभी किसी के काम की बुराई नहीं करनी चाहिए ।

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