शेर और आदमी की दोस्ती | Hindi short story with moral

इस Hindi short story with moral में आप पढ़ेंगे एक शेर और एक आदमी की दोस्ती की कहानी, यह सुनने में थोड़ा अजीब लगता है लेकिन बिल्कुल ऐसा ही है, चलिए पढ़ते है कि आखिर ऐसा कैसे हुआ :-

एक बार की बात  है जब जंगल में एक शेर शिकार की तलाश में घूम रहा था । शेर बहुत भूखा था और उसका पूरा ध्यान अपने लिए शिकार ढूंढने में था ।

तभी अचानक शेर के पैर में एक बड़ा सा कांटा गड़ जाता है, शेर दर्द में ज़ोर से चिल्लाता है और उस कांटे को निकलने की पूरी कोशिश करता है लेकिन निकाल नहीं पाता है ।

कुछ देर बाद पास के ही एक गांव का आदमी वहां पर लकड़ी इकठ्ठा करने के लिए आता है और उसे किसी जानवर के दर्द में कराहने की आवाज़ सुनाई देती है ।

आदमी मन ही मन सोचता है कि यह तो किसी जानवर की आवाज़ लग रही है और वह बहुत दर्द में लग रहा है, क्या मुझे उसकी मदद करने जाना चाहिए, लेकिन अगर उस जानवर ने मुझपर ही हमला कर दिया तो ?

उस आदमी के मन में बहुत सारी बाते आती है लेकिन फिर उसे दया आ जाती है उस जानवर के लिए और वह अपने डर के साथ उसकी मदद करने चला जाता है ।

आदमी जैसे ही शेर के पास पहुँचता है वह शेर को देखकर बहुत डर जाता है और जहां पर खड़ा था वही खड़ा रह जाता है ।

शेर दर्द से चीख रहा था जिसे देखकर आदमी हिम्मत कर के उसके पास चला जाता है और धीरे से उसके पैर से कांटे को निकाल देता है ।

शेर भूखा रहता है लेकिन फिर भी उस आदमी को वह कुछ नहीं करता है और उसके पास जा कर प्यार से उसके चेहरे को चाटता है और उसे धन्यवाद् देता है उसकी मदद करने के लिए ।

फिर शेर वहां से चला जाता है और आदमी भी लकड़ी इकठ्ठा करने में लग जाता है ।

कुछ दिनों बाद जंगल में कुछ बदमाश शिकारियों का झुण्ड आता है और शेर को पकड़ कर अपने साथ गांव ले जाता है ।

शेर को एक बड़े से पिंजरे में बंद कर के रखा जाता है और एक आदमी को लाया जाता है उस पिंजरे के अंदर डालने के लिए क्योकि उन बदमाश शिकारियों को  यह देखना था कि एक आदमी शेर के साथ कब तक लड़ सकता है ।

पिंजरे में बंद शेर बहुत गुस्से में रहता है और उस झुण्ड के सभी शिकारियों की तरफ देखकर दहाड़ मरता है ।

वह आदमी सभी से बार-बार आग्रह करता है कि उसे पिंजरे में न डाला जाए क्योकि अगर वो पिंजरे में गया तो शेर उसे कुछ देर में ही खा जाएगा ।

उस आदमी की बात कोई नहीं मनाता और उसे ज़बरदस्ती पिंजरे में दाल दिया जाता है ।

जैसे ही आदमी पिंजरे के अंदर जाता है तो शेर धीरे-धीरे उस आदमी की तरफ बढ़ता है उसपर हमला करने के लिए ।

आदमी रोता हुआ शेर से हाथ जोड़कर आग्रह करता है कि उसे छोड़ दे, लेकिन शेर तो एक जानवर था तो वह उस आदमी की बात कैसे समझ सकता था ।

जैसे ही शेर उस आदमी के और पास आता है उसे उस आदमी का चेहरा याद आ जाता है क्योकि वह आदमी वही था जिसने शेर के पैर से कांटा निकाल कर शेर की मदद की थी ।

शेर आदमी पर हमला करने के बजाय उसके चेहरे पर प्यार से वैसे ही चाटने लगता है जैसे कुछ दिनों पहले उसने जंगल में उस आदमी द्वारा पैर से कांटा निकालने के बाद किया था ।

आदमी पहले तो एकदम आश्चर्य चकित हो जाता है कि शेर ऐसा क्यों कर रहा है लेकिन फिर उसे याद आता है कि यह तो वही शेर है जिसकी उसके कुछ दिनों पहले मदद की थी ।

आदमी तुरंत शेर को गले लगा लेता है और चैन की साँस लेता है की उसकी जान बच गई ।

इस घटना को वहा खड़े वह बदमाश शिकारी देखते है और एकदम भावुक हो जाते है कि किसी इंसान और शेर की भी इतनी गहरी दोस्ती हो सकती है कि शेर इतना भूखा और गुस्से में होने के बाद भी उस आदमी को पहचान गया जिसने उसकी मदद की थी और उसे कुछ भी नहीं किया ।

सभी शिकारियों को अपनी गलती का एहसास होता है  और वे उस पिंजरे को खोलकर आदमी और शेर को जाने देते है ।

इस Hindi short story with moral – शेर और आदमी की दोस्ती की कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि जीवन में आप कभी भी किसी की मदद करते है तो आपको भी ज़रूरत के समय में मदद ज़रूर मिलती है, इसीलिए हमेशा लोगो की मदद करते रहना चाहिए ।

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