आलसी तोते | Hindi story with moral for class 5

Hindi story with moral for class 5 – एक बार की बात है जब जंगल में एक पेड़ पर चार तोते रहते थे । वे तोते हमेशा परेशान रहते थे क्योकि शिकारी जंगल में आकर उनके बच्चे पकड़ कर ले जाते  थे । एक दिन चारो में से जो मुखिया तोता था उसने कहाँ की अब हमें इस पेड़ से कही और जाना होगा नहीं तो हम हमेशा ऐसे ही शिकारियों से परेशान रहेंगे ।

वे चारो उड़कर एक ऊंचे से चीर के पेड़ पर चले जाते है और वहां अपना घोंसला बनाते है ।

चीर का पेड़ इतना ऊंचा था की उसमे किसी भी शिकारी का चढ़ना बहुत ही मुश्किल था ।

चारो तोते बड़े ही आराम से उस पेड़ पर रहने लगे लेकिन जो मुखिया तोता था वो हमेशा पेड़ के आस पास भटकता रहता यह देखने के लिए कही कोई शिकारी तो नहीं आ रहा है ।

कुछ दिन बाद जब मुखिया तोता पेड़ के निचे खड़ा हुआ था तो उसे पेड़ की जड़ के पास एक दुसरे पौधे की छोटी लता दिखती है, मुखिया तोता तुरंत बाकि तीनो तोते को आवाज़ लगाता है और कहता है कि जल्दी से निचे आओ  क्योकि हमें इस लता को यहाँ से निकलना पड़ेगा  नहीं तो अगर ये बड़ी हो गई तो फिर इसे निकालना मुश्किल हो जाएगा और कोई भी शिकारी इससे आसानी  से ऊपर चढ़ जाएगा ।

तीनो तोते ऊपर से निचे देखते है और मुखिया तोते से कहते है कि वे ये काम बाद में कर लेंगे, लता अभी तो बहुत छोटी सी ही है ।

समय बीतता गया और मुखिया तोता बार बार उस लता को निकालने के लिए तीनो तोते से बोलता रहा लेकिन वो तीनो तेते आलस के कारण टालते गए ।

एक समय आया जब मुखिया तोते ने देखा कि वह लता मोटी और मजबूत हो गई है तब वह ऊपर जा कर उन तीनो तोते को चिल्ला कर कहता है कि वह लता मजबूत होती जा रही है और अगर उन्होंने अब उसे नहीं निकाला तो फिर बाद में वे उसे नहीं निकाल पाएंगे ।

इस बार तीनो तोते निचे आते है और चारो मिलकर उस लता को निकालने की कोशिश करते है, लेकिन वह लता एकदम मजबूत और पेड़ के ऊपर तक पहुंच गई होती है ।

चारो बहुत कोशिश करते है लेकिन उस लता को नहीं निकाल पाते है जिसके कारण मुखिया तोता बाकि तीनो से बहुत नाराज़ हो जाता है तभी एक तोता मुखिया से कहता है कि उसे इतनी चिंता नहीं करनी चाहिए और क्योकि पेड़ इतना ऊंचा है तो किसी भी शिकारी के लिए बहुत मुश्किल होगा लता के सहारे भी ऊपर चढ़ना ।

यह बात सुनकर मुखिया तोता कुछ नहीं कहता और बस अपने घोंसले में जाकर बैठ जाता है ।

कुछ दिन बाद ठीक वैसा ही होता है जिसका डर मुखिया तोता को हमेशा से था ।

चारो तोते अपने-अपने घोंसलों में अपने छोटे बच्चो के साथ सो रहे थे तभी वहां एक शिकारी आता है और चुपके से उस लता के सहारे पेड़ पर चढ़ जाता है और ऊपर तोते के घोंसले तक पहुंच जाता है।

अचानक मुखिया तोते की नींद खुलती है और वह शिकारी को ऊपर चढ़े देख लेता है फिर वह तुरंत बाकि तीनो तोते को भागने के लिए आवाज़ लगाता है ।

चारो तोते वहां से उड़कर भाग जाते है लेकिन उनके बच्चो छोटे होने के कारण वे उड़ नहीं पाते और शिकारी उन्हें पकड़ कर अपने साथ ले जाता है ।

इस Hindi story with moral for class 5 – आलसी तोते की कहानी से हमें यह सिख मिलती है कि हमें हमेशा अपना काम समय पर ही कर लेना चाहिए क्योकि जितना हम टालते जाएंगे उतना ही हमें नुकसान होता रहेगा । आलस करने से हमेशा नुकसान ही होता है ।

Also read – Hindi short story pdf included – एक घमंडी मुर्गा

Also read – Short stories for kids in Hindi – हाथी और शेर की कहानी

small short stories with moral values in Hindi – बदमाश बंदरो की कहानी

Also read – Short moral stories in Hindi for class 1 – तोता और आम का पेड़

Also read – Panchatantra short stories in Hindi with moral – मेंढक और सांप की कहानी

अगर आपको कहानी पसंद आई हो तो कृपया इसे अपने साथियो के साथ शेयर करे । धन्यवाद् ।

Leave a Comment

error: Content is protected !!