राहुल के बहाने | Kahani for kids in Hindi

Kahani for kids in Hindi – एक बार कि बात है जब एक शहर में एक राहुल नाम का लड़का रहता था । राहुल कक्षा पांचवी में पढता था और बड़ा ही शैतान बच्चा था । राहुल को खेलना और घूमना बहुत पसंद था और इन सब के कारण जब भी उसकी माँ उसे विद्यालय से मिले गृहकार्य को पूरा करने के लिए कहती तो वह कल कर लूँगा कर के टाल देता ।

विद्यालय में राहुल की शिक्षिका जिस दिन भी छात्रों के गृह कार्य की जाँच करती तो राहुल कभी पेट दर्द का बहना बनता, तो कभी सिर दर्द का बहाना बनता और विद्यालय से छुट्टी कर लेता ।

ऐसा ही कुछ दिन तक चलता रहा, फिर एक दिन राहुल की शिक्षिका ने अचानक सभी छात्रों से कहा “बच्चो, कल मै सभी की हिंदी, विज्ञान और गणित विषय की नोटबुक की जाँच करुँगी, इसीलिए कल सभी बच्चे अपनी नोटबुक लेकर आएँगे।”

राहुल की तीनो में से किसी भी विषय की नोटबुक पूरी नहीं थी इसीलिए वह सोच लेता है कि वह कल के दिन दिन विद्यालय नहीं आएगा ।

अगले दिन हमेशा की तरह राहुल अपनी माँ से कहता है “माँ, मेरे पेट में बहुत दर्द है, मै आज विद्यालय नहीं जा पाउँगा ।”

राहुल की माँ उसे कहती है “ठीक है बेटा, आज तुम आराम कर लो ।”

उस दिन विद्यालय में शिक्षिका बच्चो के नोटबुक जी जाँच करती है लेकिन समय कम होने के कारण सभी बच्चो के नोटबुक की जाँच नहीं कर पाती है और कहती है “बच्चो, बाकि बचे बच्चो के नोटबुक की जाँच मै कल करुँगी ।”

उसी दिन शाम के समय राहुल उद्यान में खेल रहा था तभी वहा उसका दोस्त आता है और कहता है “राहुल, आज शिक्षिका सभी बच्चो की नोटबुक की जाँच नहीं कर पाई और बाकि बचे बच्चटो के नोटबुक की जाँच कल करेगी ।”

राहुल अपने दोस्त से हँसते हुए कहता है “इसका मतलब मुझे कल भी विद्यालय से छुट्टी करना पड़ेगा ।”

और अगले दिन राहुल फिर से अपनी माँ से कहता है “माँ, आज मेरा सिर दर्द कर रहा है. मै आज भी विद्यालय नहीं जा पाउँगा ।”

राहुल की माँ फिर से उसकी बात मान जाती है और उसे आराम करने को कहती है ।

इसी तरह राहुल की शिक्षिका अगले तीन दिन तक पूरे बच्चो की नोटबुक की जाँच नहीं कर पाती और राहुल का दोस्त उसे इस बात की खबर कर देता और राहुल कोई न कोई बहाना बनाकर विद्यालय से छुट्टी कर लेता ।

पांच दिन बीत जाते है और छठवे दिन जब राहुल फिर से अपनी माँ से कहता है की उसका पेट दर कर रहा है तो राहुल की माँ उससे कहती है “राहुल, अब मै तुम्हारा चालाकी समझ गई हूँ, सुबह तुम पेट दर्द का बहाना बनाते हो और शाम को उद्यम में खेलने चले जाते हो, आज तुमको विद्यालय जाता ही पड़ेगा नहीं तो आज तुम्हारी खैर नहीं ।”

फिर राहुल को विद्यालय जाना ही पड़ता है और राहुल की कक्षा में जैसे ही शिक्षिका आती है वह राहुल को देख कर कहती है “राहुल, आखिर आज तुम आ ही गए, चलो आज मै तुम्हारी ही नोटबुक की जाँच सबसे पहले करुँगी , आओ, अपनी नोटबुक लेकर आओ मेरे पास ।”

राहुल शिक्षिका की बात सुनकर दर जाता है और डरते हुए खड़े होकर कहता है “आज मै अपनी नोटबुक घर पर ही भूल गया हूँ ।”

शिक्षिका राहुल की बात सुनकर नाराज़ हो जाती है और उसे डाँटते हुए कहती है “राहुल, तुम्हे पाता था ना कि मै सभी के नोटबुक की जाँच कर रही हूँ तो फिर तुम कैसे लाना भूल गए ?”

शिक्षिका की बात सुनकर राहुल सिर झुककर खड़ा रहता है।

फिर शिक्षिका कहता है “अच्छा ठीक है, तुम कल अपनी तीनो नोटबुक याद से लेकर आना और कल कोई बहाना नहीं चलेगा और हां, कल तुम छुट्टी भी नहीं मारना नहीं तो मै तुम्हारी शिकायक प्राचार्य से कर दूँगी ।”

शिक्षिका की डांट सुनकर राहुल समझ गया था की उसे अगल दिन ही अपनी नोटबुक पूरी करके शिक्षिका को दिखाना ही पड़ेगा ।

फिर राहुल अपने दोस्त से मदद मांगता है और कहता है “क्या तुम आज के लिए अपनी नोटबुक मुझे दोगे ?”

राहुल का दोस्त कहता है “मै तुम्हे अपनी नोटबुक दे तो दूंगा लेकिन तुम इतने कम समय में तीनो नोटबुक पूरी कैसे करोगे, इससे अच्छा है तुम हमेशा की तरह कल भी छुट्टी कर लेना ।”

राहुल कहता है “नहीं-नहीं, अब मै इस काम को और नहीं टाल सकता, मुझे नहीं पाता कि मै इसे कैसे पूरा करूँगा लेकिन मुझे यह करना ही पड़ेगा, नहीं तो मेरी शिकायत प्राचार्य से हो जाएगी ।”

राहुल अपने दोस्त की नोटबुक लेकर घर पंहुचा और घर पहुंचते ही नोटबुक पूरी करने बैठ गया ।

राहुल ने रातभर जाग कर सुबह तक अपनी तीनो नोटबुक पूरी कर ली ।

काम पूरा करने के बाद राहुल तुरंत तैयार होकर विद्यालय चला गया और कक्षा में पहुंचते ही शिक्षिका आ जाती है और राहुल से कहती है “राहुल, अपनी नोटबुक ले आओ ।”

राहुल अपनी नोटबुक लेकर शिक्षिका के पास जाता है और नोटबुक देता है लेकिन जैसे ही शिक्षिका राहुल को देखती है कि राहुल का चेहरा एकदम थका हुआ है और उसकी दोनों आँख लाल हो गई है ।

फिर वह राहुल से कहती है “राहुल, मै जानती थी, कि तुम्हारी नोटबुक पूरी नहीं है और तुमने रातभर जागकर इसे पूरी की है, इसलिए मै हमेशा कहती हूँ कि हमें हमारा काम समय से करना चाहिए ताकि हम बाद में एकसाथ बहुत सारा काम करने से बचे और मेरी बात याद रखना कि टालने से काम कम नहीं होता बल्कि बढ़ जाता है ।”

शिक्षिका की बात सुनकर राहुल कहता है “मुझे क्षमा कर दीजिये, मै आज से कभी भी अपना काम नहीं टालूंगा और हमेशा हर काम समय पर करूँगा ।”

इस Kahani for kids in Hindi – राहुल के बहाने कहानी से हमें या शिक्षा मिलती है कि हमें कभी भी अपना काम टालना नहीं चाहिए और हमेशा हर काम को समय से करना चाहिए ।

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