मतलबी लोमड़ी की कहानी | Moral stories for kids in Hindi

इस Moral stories for kids in Hindi में आप पढ़ेंगे लोमड़ी और ऊठ की कहानी जिसमे कैसे लोमड़ी ऊठ को मुसीबत में अकेला छोड़कर भाग जाती है, तो चलिए कहानी शुरू करते है :-

Moral stories for kids in Hindi – एक बार की बात है जब जंगल में एक ऊठ और एक लोमड़ी बहुत अच्छे दोस्त होते है । उनका घर एक नदी के किनारे रहता है और नदी के उस पार एक गांव रहता है जहां पर चने के बड़े-बड़े खेत होते है।

एक दिन लोमड़ी के मन में एक बात आती है और वह अपने दोस्त ऊठ से कहता है “यार, मुझे न नदी के उस पार जा कर उस खेत से चने खाने का बहुत मन कर रहा है, काश ऐसा हो पाता कि किसी तरह हम नदी पार कर पाते”

लोमड़ी की बात सुनकर ऊठ कहता है “यार, तुम सिर्फ नदी पार करने की सोच रहे हो , ये सोचो की अगर गांव वाले आ गए और हमें पकड़ लिया तो मार-मार के हमारा बुरा हाल कर देंगे

लोमड़ी कहती है “यार तुम बड़े ही डरपोक हो, ऐसा कुछ नहीं होगा, हम बस वहां जाएंगे, पेट भर चने खाएंगे और वापस आ जाएंगे, किसी को पता नहीं चलेगा और अगर कोई आता भी है तो मै तुम्हे बचा लूँगा

ऊठ मन में सोचता है कि लोमड़ी ठीक ही बोल रही है, किसे पता चलेगा अगर हम वहां चले गए तो और फिर लोमड़ी बहुत चतुर है वो  मुझे बचाने का आश्वासन भी दे रही है तो वो मुझे बचा ही लेगा ।

ऊठ लोमड़ी से कहता है “ठीक है मै तुम्हे अपनी पीठ पर बैठा के नदी के उस पार ले जाऊंगा, लेकिन , हम एकदम शांति से जाएंगे और अपना काम ख़तम कर के वापस आ जाएंगे बिना एक भी आवाज़ किये “

लोमड़ी ऊठ की पीठ पर बैठती है और वो दोनों नदी के पार गांव में चले जाते है ।

चने के खेत में पहुंचने के बाद वो दोनों पेट भर चना खाते है और थोड़ी देर के लिए वहां आराम करने बैठ जाते है ।

थोड़ी देर बाद लोमड़ी कहती है “यार आज मै बहुत खुश हूँ , इतने दिनों से मेरा यहाँ आ कर चने खाने का मन था और आज मै पेट भर चना खाया है , मुझे तो इतनी ख़ुशी हो रही है की मन कर रहा है मै ज़ोर ज़ोर से चिल्लाऊं”

लोमड़ी की बात सुनकर ऊठ घबरा जाता है और लोमड़ी से कहता है “तुम बिल्कुल भी आवाज़ मत निकलना नहीं तो गांव वाले आ जाएंगे और फिर बड़ी ही मुसीबत हो जाएगी “

लेकिन लोमड़ी ऊठ की बात नहीं मानता और ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाना चालू कर देता है ।

ऊठ लोमड़ी को बार-बार मना करता है लेकिन लोमड़ी नहीं मानती ।

लोमड़ी की आवाज़ गांव वालो तक पहुंच जाती है और बहुत सारे गांव वाले लाठी लेकर आ जाते है ।

लोमड़ी जैस ही गांव वालो आते हुए देखती है तो वह पास में ही एक छोटी चट्टान के पीछे छुप जाता है जिसे देखकर ऊठ भी वहां छुपने की कोशिश करता है लेकिन वह आकार में लोमड़ी से बहुत बड़ा होता है इसीलिए वह छुप नहीं पाता ।

गांव वाले चने के खेत में पहुंच जाते है और उन्हें वह पर ऊठ खड़ा हुआ मिलता है और ऊठ के आस पास बहुत से चने के पत्ते बिखरे हुए मिलते है जिससे गांव वाले समझ जाते है कि ऊठ ने ही उनके खेत से चने खाए है और बाकी पौधों को भी ख़राब कर दिया है ।

गांव वाले ऊठ को लकड़ी के डंडे से बहुत मारते है ।

ऊठ वहां से किसी तरह बच के भाग कर थोड़ी दूर चला जाता है ।

कुछ देर बाद लोमड़ी भी बचते-बचते ऊठ के पास पहुंच जाती है, और ऊठ को देखर हसने लगता है कि कैसे वो गांव वालो से बचकर कही भी छुप नहीं पाया और उसे मार खानी पड़ी ।

लोमड़ी को हसते हुए देखकर ऊठ को बहुत गुस्सा आता है और वह लोमड़ी से कहता है “एक तो तुमने इतनी ज़ोर से चिल्ला कर गांव वालो को बुला लिया और तुमने कहा था कि तुम मुझे बचाओगे लेकिन तुम मुझे छोड़कर अकेले ही छुप गए और अब तुम मेरे ऊपर हंस रहे हो  तुम बहुत ही बुरे दोस्त हो । “

लोमड़ी ऊठ की बात सुनकर और ज़ोर से हँसाने लगती है जिसे देखकर ऊठ कहता है कि तुम देखना मेरे पास भी ऐसा मौका आएगा और मै भी तुम्हारे साथ ऐसा ही करूँगा ।

लोमड़ी ऊठ की पीठ पर बैठ जाती है और वो दोनों जंगल में वापस आने के लिए नदी में उतरते है ।

ऊठ जैसे ही नदी के बीच में पहुँचता है वो लोमड़ी से कहता है ” जिस तहर से तुम्हे चिल्लाने का मन कर रहा था वैसे ही मुझे थोड़ी अंगड़ाई लेने का मन कर रहा है “

लोमड़ी डर के ऊठ से कहती है “अगर तुम अंगड़ाई लोगे तो मै तुम्हारी पीठ से गिर जाऊंगा “

ऊठ लोमड़ी से कहता है “जिस तरह तुमने मेरे बारे में नहीं सोचा तो मै भी तुम्हारे बारे में क्यों सोचु “

ऐसा कहकर ऊठ अंगड़ाई लेता है और लोमड़ी उसकी पीठ से नदी में गिर जाता है ।

इस Moral stories for kids in Hindi – मतलबी लोमड़ी की कहानी से हमें ये सीख मिलती है कि कभी भी अपने दोस्त को मुसीबत में अकेला नहीं छोड़ना चाहिए और उसकी हमेशा मदद करनी चाहिए ।

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