संगती का असर | Short story in Hindi pdf file included

Short story in Hindi pdf – एक बार की बात है जब जंगल में एक पेड़ पर एक सुन्दर सा तोता और उसके दो बच्चे रहते थे ।

एक दिन जब दोनों बच्चो की माँ उनके लिए खाना लेने जाती है तभी वहां पर एक शिकारी आता है और पेड़ पर चढ़कर दोनों बच्चो तो पकड़ लेता है ।

शिकारी जब पेड़ से उतरता रहता है तभी दोनों में से एक बच्चा निचे गिर जाता है और वहां से थोड़ी दूर जाकर झाड़ियों में  छुप जाता है ।

शिकारी निचे उतरकर दुसरे बच्चे को ढूंढता है और जब उसे वह बच्चा नहीं मिलता तो वह एक बच्चे को लेकर ही चला जाता है ।

थोड़ी देर बाद दूसरा बच्चा झाड़ियों से बहार निकलता है, तभी वहां से एक साधु महाराज जा रहे होते है और तोते के बच्चे को प्यार से उठाते है और अपने साथ ले जाते है ।

कुछ साल के बाद दोनों तोते  बड़े हो जाते है, एक तोता शिकारी के साथ और दूसरा तोता साधु महाराज के पास आश्रम में रह रहा था ।

कुछ दिनों बाद एक राजा जंगल के रास्ते से जा रहा था और जब वह उस शिकारी के घर के सामने से निकलता है, उसे एक आवाज़ आती है ” इसपर तीर चला कर इसे मार दो, इसपर तीर चला कर इसे मार दो “

राजा चारो तरफ देखता है कि आवाज़ कहा से आ रही है तभी उसका ध्यान पिंजरे में बंद उस तोते की तरफ जाता है ।

राजा उस तोते को देखकर कहता है “ये  कैसा तोता है , कितनी ख़राब बाते कर रहा है । “

राजा वहां से आगे बढ़ जाता है और वह साधु महाराज के आश्रम में पानी पिने के लिए रुकता है ।

जैसे ही राजा आश्रम के अंदर घुसता है तो देखता है कि वहां पर भी एक वैसा ही तोता है जो उसने कुछ देर पहले देखा था ।

उसे देखकर राजा मन में सोचता है कि यह भी वैसा ही ख़राब बाते करने वाला तोता होगा ।

राजा को देखकर तोता कहता है “हे महान राजा आपका स्वागत है, हे महान राजा आपका स्वागत है “

तोते की बात सुनकर राजा आश्चर्य चकित हो जाता है और तोते से कहता है कि अभी थोड़ी देर पहले रास्ते में मैंने एक तुम्हारे जैसा ही तोता देखा था लेकिन उसका व्यवहार कितना ख़राब था और तुम यहाँ मेरा सम्मान पूर्वक स्वागत कर रहे हो, एक जैसे दिखने के बाद भी दोनों के स्वभाव में कितना अंतर है ।

तोता राजा से पूछता है “क्या वह तोता एक शिकारी के घर में था  ?”

राजा उसे जवाब देता है “हां, हां, वह शिकारी का ही घर लग रहा था “

फिर तोता राजा को बताता है कि वह तोता मेरा भाई है और बचपन में वह शिकारी हम दोनों को हमारे घोंसले से उठा कर ले गया था, मै किसी तरह से बच गया लेकिन मेरा भाई उस शिकारी के पास ही फस गया फिर मुझे साधु महाराज अपने साथ अपने पास ले आए ।

इसीलिए मेरे भाई का व्यवहार उस शिकारी जैसा ख़राब है और मेरा व्यवहार साधु महाराज कि तरह सभ्य और सरल है ।

इस कहानी Short story in Hindi pdf – संगती का असर से हमें यह शिक्षा मिलती है कि हमें हमेशा अच्छे लोगो के साथ रहना चाहिए और अपनी संगती अच्छी रखनी चाहिए जिससे हमारा स्वभाव भी हमेशा अच्छा बना रहे ।

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