भिखारी की सीख – Small Panchatantra stories in Hindi

Small Panchatantra stories in Hindi – एक बार की बात है जब एक राज्य मे एक सूर्यकांत नाम का राजा था। राजा के मन मे जीवन को लेकर आने वाले नकारात्मक विचार राजा को सुकून से जीवन जीने ही नहीं देते थे

जिस वजह से राजा आए दिन परेशान रहता था। जो भी काम करता दुःखी मन से करता। बहुत समय से उसके चेहरे से हसीं गायब हो चुकी थी।

इस साल राजा के राज्य मे बहुत कम बारिश हुई और सुखा पड़ गया। जिस का सीधा असर राज्य के किसानो के जीवन पर पड़ा क्योकि अच्छी फ़सल नहीं लग पाई जिसके कारण सब किसान बहुत दुःखी और उदास थे।

राजा अपने राज्य मे भ्रमण करने के लिए निकला, वहीं पर एक मेला लगा हुआ था, जहाँ पहुंचकर राजा ने हर आदमी के चेहरे पर उदासी देखी।

लेकिन उन सब मे सिर्फ एक आदमी ही ऐसा था जो राजा को देखकर ख़ुश था और मुस्कुरा रहा था। वो आदमी एक दुकान के बाहर बैठा था। उसके फ़टे मैले कपड़े, लम्बे उलझें बाल और हाथ मे कटोरा था।

यह सब देख कर राजा समझ गया की ये भिखारी है। भिखारी को मुस्कुराते देख राजा कुछ देर बाद अपना उदास मन लिए वहाँ से चला गया।

अलगे दिन राजा अपने रथ पर फिर से राज्य का भ्रमण करने निकला। फिर से वहीं दुकान से होकर ज़ब राजा गुजर रहा था तो राजा को फिर से वहीं भिखारी मिला।

भिखारी के चेहरे पर मुस्कान थीं। राजा रथ रुकवा कर भिखारी को ध्यान से देख रहा था। भिखारी के हाव-भाव ऐसे थे मानो उसे जीवन मे पता नहीं क्या मिल गया हो। फिर राजा वहा से चला जाता है।

राजा को रात के सपने में भी वहीं भिखारी मुस्कराता हुआ दिखाई देता है। अगले दिन राजा ने उस भिखारी को अपने दरबार मे बुलाया।

राजा ने बड़े अचरज मन से पूछा कि तुम्हारे पास पहनने को कपड़े नहीं है और ना रहने को घर है ना ही परिवार। खाने को दो वक़्त की रोटी तक नहीं मिलती, फिर भी तुम इतना खुश और सुकून से अपना जीवन कैसे जी रहे हो ?

तब भिखारी बोलता है मै कल की नहीं सोचता हूं, जो जिंदगी आज है बस उसी को जीता हूं और फिर कल किसने

देखा है कि क्या हो जाए, भले ही मै गरीब हूं लेकिन मुझे इसका थोड़ा भी दुःख नहीं है, क्योंकि मेरी कोई ऐसी इच्छाए ही नहीं जिसके लिए मूझे अधिक धन की आवश्यकता पड़े। जैसा हूं, जहाँ हूं, बस खुश रहता हूं, आनंद मे रहता हूं।

अचानक से राजा के चेहरे पर हल्की मुस्कान आ गई, भिखारी की बातों से राजा को अपनी परेशानी का हल मिल गया था। राजा को सुकून की अनुभूती हो रही थीं राजा को जीवन की बहुत बड़ी सीख मिल गई थीं।

इस Small Panchatantra stories in Hindi – भिखारी की सीख कहानी से हमें सीख मिलती है कि खुशियाँ धन और संसाधन की मोहताज़ नहीं होती, हर इंसान सुकून से जीवन जी सकता है बस वह अपनी बेकार की इच्छाओ को त्याग दे ।

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